Tuesday, July 8, 2014

खूबसूरती के राज होम्योपैथी के साथ (पार्ट २)


  खूबसूरती के राज होम्योपैथी के साथ (पार्ट )      



 




उम्र के साथ साथ कुछ लोगो के चेहरे पर भूरे भूरे रंग के दाग दिखाई देने लगते हैं, कभी कभी ये काले रंग के भी होते  हैं जो देखने में अत्यंत भद्दे लगते हैं ये दाग गाल, नाक, होंठ के ऊपर और माथे पर होते हैं इन दागो को झाईयां या पिगमेंटेशन कहा जाता है ये झाईयां स्त्री -पुरुष किसी को भी हो सकती हैं परन्तु महिलाओं में ये अधिकतर होती हैं. इसे क्लोस्मा ( chlosma ) या मेलसमा (melasma ) भी कहते .  ये अक्सर प्रेगनेंसी या मीनोपॉज के समय  ज्यादा होते हैं.

कारण----  ) हार्मोन्स की गड़बड़ी से


               ) खून की कमी से (एनीमिया के कारण )

               ) लिवर की खराबी से            

               ) महिलाओं में पीरियड्स की गड़बड़ी से

               ) किसी दवा के साइड इफ़ेक्ट से

      ६)  गर्भ -निरोधक ( contraceptive –pills ) गोलियों के कारण

होम्योपैथिक दवा-----१) सीपिया --- गाल और नाक पर भूरे रंग के दाग हो

२) लाइकोपोडियम --- लीवर की खराबी के कारण चेहरे पर भूरे पीले दाग हो

३) डल्कामारा ---गालो के साथ साथ माथे पर भूरे रंग के दाग हो

४) बेरवेरिस -एक्वाफोलियम ---किसी दवा के  साइड इफ़ेक्ट के कारण


Sunday, July 6, 2014

खूबसूरती का राज होम्योपैथी के साथ ( पार्ट १)




  
   खूबसूरती का राज होम्योपैथी के साथ ( पार्ट )


खूबसूरती एक ऐसे चीज़ हैं जो हर व्यक्ति पाना चाहता हैं , खूबसूरत दिखने के लिए तरह तरह के जतन करता हैं.और  तरह तरह के सौंदर्य प्रसाधनो का उपयोग करते हैं ,जिस से कुछ समय के लिए तो खूबसूरत दिखते हैं ,परन्तु बाद में फिर पहले वाली अवस्था जाती हैं . अक्सर उम्र के साथ साथ चेहरे पर कई प्रकार के दाग धब्,पिम्पल्स ,झाइयां ,झुर्रिया आ जाती है जो सौंदर्य प्रसाधन  या अन्य  उपचार जैसे क्रीम आदि से कुछ समय तो ठीक रहते है ,परन्तु सदा के लिए ठीक बहुत कम हो पाते है या जब तक उन क्रीम या सौंदर्य प्रसाधन का उपयोग करते हैं तब तक ठीक रहता है परन्तु उनका उपयोग बंद करते ही प्रॉब्लम वहीं के वहीं आ जाती है या फिर उन क्रीम आदि के साइड इफ़ेक्ट होने लगते है . लेकिन होम्योपैथिक दवाओं केप्रयोग से इन समस्याओं से सदा के लिए मुक्ति पा सकते हैं बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के  .

शुरुआत करते हैं पिम्पल्स से .......सबसे पहले जानते हैं  पिम्पल्स क्या हैं ,क्यों
होते हैं ,किसको होते हैं, और उनसे क्या नुकसान होता हैं

पिम्पल्स किसे कहते हैं..... इन्हे मुहांसे भी कहते हैं ,ये छोटी छोटी फुंसी होती हैं
जो चेहरे पर होती हैं ,कभी कभी पीठ ,कंधे पर भी हो जाती हैं.कई बार ये बहुत
बड़ी बड़ी भी होती हैं जिनमे पस भरा रहता हैं.इनमे खुजली,दर्द और जलन भी
होती है.

किसको होते हैं पिम्पल्स ...
किशोरवस्था शुरू होते है अकसर पिम्पल्स होने लगते हैं.कई बार ये महिलाओं
को भी पीरियड्स के समय हो जाते हैं.

क्यों होते है पिम्पल्स ...
).हमारी त्वचा (स्किन) में बहुत सारी सीबेसिअस ग्लैंड्स होती है जो स्किन को नम  बनाये
 रखती है .जब धूल गंदगी ,आदि के कारण रोमछिद्र बंद हो जाते है तो ये सेबेसियस ग्लैंड बंद हो जाती हैं और पिम्पल्स होने लगते हैं


) हार्मोन्स की गड़बड़ी  के कारण

) किसी बीमारी के बाद

)कब्ज या पेट की खराबी के कारण

)किसी दवा के साइड इफ़ेक्ट के कारण

)अत्याधिक सौंदर्य प्रसाधन के कारण

७)गर्भ निरोधक गोलियों के कारण

पिम्पल्स से होने वाले नुकसान .........चेहरे पर छोटी छोटी या बड़ी बड़ी फुंसिया होती हैं ,जो
बार बार होती हैं ,उनमे दर्द ,जलन होता हैं . और ठीक होने के बाद चेहरे या पीठ या कंधे पर
अपने काले काले निशान छोड़ देती हैं कई बार चेहरे पर गड्ढे हो जाते हैं, .इसके अलावा
पिम्पल्स के कारण ब्लैक हेड्स ,वाइट हेड्स हो जाते हैं .

होम्योपैथिक दवा ......

बर्बेरिस अक्वोफोलियम .......किशोरवस्था में होने वाले पिम्पल्स

काली -म्यूर....छोटे  छोटे  पस वाले पिम्पल्स

सेंग्वेनेरिआ....महिलाओं  के पीरियड्स के समय होने वाले पिम्पल्स

हिपर सल्फ ....... पस वाले बड़े बड़े पिम्पल्स

बोविस्टा .....सौंदर्य प्रसाधन के कारण

नोट .... यहाँ लिखी किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले मुझसे या किसी होम्योपैथीक डॉक्टर से अवश्य सलाह ले .